मुंबई , मई 06 -- पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू मांग मजबूत रहने से अप्रैल में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में तेजी देखी गयी।
एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक मार्च के 57.5 से बढ़कर 58.8 पर पहुंच गया जो पांच महीने का उच्चतम स्तर है। यह दिखाता है कि मार्च के मुकाबले में अप्रैल में सेवा क्षेत्र की गतिविधि न सिर्फ बढ़ी है बल्कि इसके बढ़ने की रफ्तार भी मार्च से अधिक रही।
एचएसबीसी माह-दर-माह आधार पर पीएमआई के आंकड़े जारी करता है। पीएमआई का 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में तेजी और इससे कम रहना गिरावट को दिखाता है। वहीं, 50 का स्तर स्थिरता का संकेत है।
एचएसबीसी द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल में उत्पादन और नये ऑर्डर बढ़े हैं। ई-कॉमर्स में भी तेजी गयी। हालांकि पश्चिम एशिया संकट के कारण आयात कम रहने से घरेलू मांग बढ़ी जिससे परिवहन गतिविधियों में वृद्धि हुई है। देश से बाहर बिक्री में पांच महीने की सबसे तेज वृ्द्धि देखने को मिली। युद्ध के कारण दूसरे देशों से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या भी कम रही।
भारत में एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि विदेशों से नये ऑर्डरों में सुस्ती के बावजूद गतिविधियों और नये ऑर्डरों में तेजी देखी गयी। इससे पता चलता है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच मांग विदेशी उपभोक्ताओं की बजाय घरेलू उपभोक्ताओं की तरफ स्थानांतरित हो रही है। लागत मुद्रास्फीति में हल्की नरमी के बावजूद यह ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। वहीं, उत्पाद के मूल्य से संबंधित मुद्रास्फीति निचले स्तर पर रही।
श्री भंडारी ने कहा कि यह दिखाता है कि कुछ कंपनियां ऊंची लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने की बजाय ज्यादातर बोझ खुद उठा रही हैं।
इससे पहले, 04 मई को विनिर्माण क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े जारी किये गये थे। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का संयुक्त पीएमआई मार्च से 57 से बढ़कर 58.2 पर पहुंच गया।
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