ग्वालियर , अक्टूबर 15 -- ग्वालियर व्यापार मेले में 21 अक्टूबर से आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले में स्वदेशी उत्पादों, गाय आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को प्रमुखता दी जाएगी। करीब 30 हजार वर्गफुट क्षेत्र में ग्रामीण परिवेश और आधुनिक उपयोगों को समाहित करते हुए श्रीअन्न के उत्पाद और व्यंजन भी उपलब्ध रहेंगे। मेले को दीपोत्सव-2026 नाम दिया गया है, ताकि दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों को घर-घर तक पहुंचाया जा सके।

स्वदेशी मेला संयोजक आर.पी. माहेश्वरी ने आज पत्रकार वार्ता में बताया कि मेले का भूमि पूजन और कार्यालय का उद्घाटन 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।

माहेश्वरी ने बताया कि मेले में करीब 500 दुकानें लगाई जाएंगी। इनमें 150 दुकानें ग्वालियर के स्वदेशी उत्पाद विक्रेताओं, छोटे दुकानदारों, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगरों, हस्तशिल्पियों और वस्त्र कारोबारियों के लिए होंगी। करीब 30 हजार वर्गफुट में तैयार स्वदेशी ग्राम की प्रदर्शनी में गाय के गोबर से सीएनजी संयंत्र, ग्रामीण पर्यटन और ग्रामीण खाद्य संस्कृति सहित नौ प्रकल्प प्रदर्शित किए जाएंगे।

संयोजक भूपेन्द्र जैन ने कहा कि मेला पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रहेगा। यहां पानी की बोतलें नहीं बेची जाएंगी और कांसे के लोटे से जल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले को देशभर में आयोजित स्वदेशी मेलों के बीच एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास है।

ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक सिंह जादौन और उपाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने बताया कि बच्चों और महिलाओं के लिए ज्ञानवर्धक तथा उपयोगी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। युवाओं की नई पीढ़ी के लिए भी मनोरंजक गतिविधियां होंगी। प्रतिदिन शाम को भजन, नाटक, कवि सम्मेलन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम निःशुल्क प्रस्तुत किए जाएंगे। पत्रकार वार्ता में स्वदेशी जागरण मंच के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ संगठक केशव दुबोलिया और अजय चोपड़ा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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