जगदलपुर , अक्टूबर 06 -- छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ ने ग्रेड-पे समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से तीन दिवसीय सांकेतिक विरोध शुरू किया। इस दौरान कर्मचारी प्रतिदिन दो घंटे विरोध दर्ज कराएंगे।
नर्सिंग एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2018 से ग्रेड-पे लागू करने की मांग लंबित है। कर्मचारियों का दावा है कि इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त स्तर से प्रस्ताव जारी होने के बावजूद करीब नौ महीने से मामला लंबित है। उन्होंने सरकार से इस पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
नर्सिंग स्टाफ ने दैनिक वेतनभोगी, संविदा और जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफटी) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के संविलियन और नियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद कई कर्मियों को अपेक्षाकृत कम वेतन मिल रहा है। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों को नियमित करने के साथ सम्मानजनक वेतन दिए जाने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी है। मरीजों की निगरानी, दवा और इंजेक्शन देने, कैनुला लगाने तथा रक्त नमूने लेने सहित कई जिम्मेदारियां नर्सिंग कर्मियों द्वारा निभाई जाती हैं।
नर्सिंग एसोसिएशन ने फिलहाल तीन दिनों तक प्रतिदिन दो घंटे सांकेतिक विरोध करने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों ने कहा कि वे मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
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