ग्रेटर नोएडा , अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिसरख डूब क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सोमवार को प्राधिकरण ने इस क्षेत्र में अवैध निर्माणों को ढहाने की प्रक्रिया शुरू की। इस अभियान के तहत लगभग 25,000 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव द्वारा सोमवार को कार्रवाई के संबंध में जानकारी साझा की गई,जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि, कई कालोनाइज़र डूब क्षेत्र में बाउंड्री बनाकर अवैध प्लॉटिंग करने की कोशिश कर रहे थे। प्राधिकरण ने इसपर कड़ी नजर रखते हुए कार्रवाई की और डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण को रोका। बिसरख के खसरा नंबर 333 और 334 की ज़मीन पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, जहां अवैध रूप से कालोनी काटी जा रही थी।

ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण सहन नहीं किया जाएगा।" उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी ज़मीन को खरीदने से पहले प्राधिकरण से पूरी जानकारी प्राप्त करें, ताकि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसा लें।

सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी स्पष्ट किया कि जो लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम ने बिसरख के अलावा तिलपता, रोजा याकूबपुर खेड़ा चौगानपुर, चिपियाना बुजुर्ग जैसे अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया है और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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