नयी दिल्ली , मई 28 -- दिल्ली और आस पास के इलाकों में गुरुवार शाम हल्की बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है लेकिन उत्तर भारत के कई हिस्से अभी भी लू के थपेड़ों से जूझ रहे हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा अब तक अरब सागर, लक्षद्वीप, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के दक्षिणी पश्चिमी राज्यों समेत उत्तर भारत के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी प्रक्षेत्र(एनसीआर) के निवासियों को गुरुवार को बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने से भीषण गर्मी से बहुत राहत मिली है।

मौसम विज्ञान विभाग के दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के दबाव के साथ-साथ पश्चिमोत्तर उत्तर प्रदेश और उससे सटे इलाकों के ऊपर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के सक्रिय होने के कारण दिल्ली-एनसीआर के मौसम में यह बदलाव आया है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गुरुवार शाम और रात को दिल्ली के कई हिस्सों में बिजली चमकने और 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान आ सकता है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। शुक्रवार को आमतौर पर बादल छाए रहने, कई दौर की बहुत हल्की से हल्की बारिश होने, आंधी चलने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। सुबह और दोपहर के समय हवा की गति एक बार फिर 60-70 किमी प्रति घंटे और झोंकों के साथ 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 30 और 31 मई को भी हल्की बारिश और आंधी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम में एक जून से धीरे-धीरे सुधार होना शुरू होगा।

पंजाब में अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का अनुमान जताया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 1.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रदेश का तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक चल रहा है। फरीदकोट में सबसे ज्यादा 46 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार शुक्रवार और शनिवार मई को पंजाब और चंडीगढ़ के 51 से 75 प्रतिशत हिस्सों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

प्रचंड गर्मी और लू की मार झेल रहे उत्तर प्रदेश में गुरुवार शाम से आंधी,तूफान और बारिश का सिलसिला शुरु होने के आसार जताये गये हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आंधी बारिश का दौर कम से कम 31 मई तक जारी रहने का अनुमान है। इस अवधि में लू के पूरी तरह खत्म होने और तापमान में आठ से दस डिग्री तक गिरावट के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम के अत्यंत सक्रिय रहने की चेतावनी जारी करते हुए कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। विभाग ने प्रदेश में तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात, ओलावृष्टि और भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी खेतों और खुले स्थानों में काम करते समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान के अलवर जिले में तीसरे दिन नौतपा की भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। नौतपा की शुरुआत के साथ ही अलवर में गर्मी के तेवर और अधिक तीखे हो गये हैं। सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं का असर अब अस्पतालों में भी साफ दिखाई देने लगा है।अस्पताल में बुखार, सिर दर्द, पेट दर्द, उल्टी, जुकाम और लू से प्रभावित मरीज बड़ी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गर्मी और लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किये हैं।

छत्तीसगढ में विभिन्न स्थानों पर भीषण गर्मी और लू की स्थिति कायम है। राजधानी रायपुर सहित राज्य के कई जिलों में झुलसने वाली गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही और दोपहर के दौरान जनजीवन प्रभावित नजर आया। इससे पहले कल शाम रायपुर सहित कई इलाकों में तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के बाद केवल बूंदाबांदी हुई, वहीं कुछ इलाकों में बारिश नहीं होने से गर्मी का असर बरकरार रहा।

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आ रही हल्की नमी के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिला है। इसके चलते अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। विभाग ने अगले दो दिनों तक तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होने की अनुमान जताया है। इस दौरान प्रदेश के एक-दो हिस्सों में लू चल सकती है। इसके बाद तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के संकेत हैं। प्रदेश में कल दुर्ग में सबसे अधिकतम तापमान में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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