सोनीपत , मई 24 -- हरियाणा के सोनीपत में विद्यालय अध्यापक संघ, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित किए जा रहे भाषा शिक्षण शिविरों का विरोध किया है। संगठन ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच ऐसे शिविर विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं।
रविवार को संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए जिला प्रधान नरेंद्र चहल, राज्य सचिव जोगिंद्र सिंह, जिला सचिव दिनेश छिक्कारा, जिला कैशियर रोहताश गंगाना, जिला ऑडिटर कुलदीप सिंह और वरिष्ठ उपप्रधान सुनीता कुंडू ने कहा कि विभाग द्वारा 25 मई से 30 जून तक प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद 25 से 31 मई तक भाषा शिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन केवल विरोध के लिए विरोध नहीं करता, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी बात रखता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में बच्चों और शिक्षकों को शिविरों में बुलाना अनुचित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के शिविर केवल औपचारिकता और बजट खर्च तक सीमित रह जाते हैं। संगठन का कहना है कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को अवकाश के दौरान जबरन उपस्थित रहने के लिए बाध्य करना शोषण के समान है।
संगठन ने घोषणा की कि एक और दो जून को हिसार स्थित जाट धर्मशाला में दो दिवसीय राज्य परिषद सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेशभर के शिक्षकों से नौ जून को शिक्षा सदन पंचकूला में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया।
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