लखनऊ , मार्च 12 -- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करीब 1519 करोड़ रुपये लागत वाली महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना से शहर की यातायात व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से शुक्रवार को झूलेलाल वाटिका में आयोजित समारोह में परियोजना के द्वितीय चरण का लोकार्पण करेंगे और साथ ही तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास भी करेंगे।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, "ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण 11 मार्च 2024 को हुआ था। लगभग 6.8 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर को आईआईएम रोड से पक्का पुल तक 100 करोड़ की लागत से बनाया गया था।"उन्होंने बताया कि अब दूसरे चरण का लोकार्पण 299 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक का मार्ग शामिल है। इसके शुरू होने से हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

श्री कुमार ने बताया कि इसके साथ ही 1220 करोड़ की लागत से तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास भी किया जाएगा, जो पिपराघाट से किसान पथ तक मार्ग को जोड़ेगा। माना जा रहा है कि ग्रीन कॉरिडोर शुरू होने के बाद वाहन चालक बिना सिग्नल के सीधे रिवर फ्रंट के किनारे से गोमतीनगर और समता मूलक चौक तक पहुंच सकेंगे। इससे शहर के करीब 15 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और कई प्रमुख मार्गों पर यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

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