होशियारपुर , फरवरी 23 -- पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार को कहा कि गांव स्तर पर सक्रिय सतर्कता मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। और उन्होंने मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए अधिक सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्री कटारिया ने पंजाब सरकार के 'युद्ध नशेयां विरूद्ध' अभियान के तहत मुकेरियां में पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान यहां आयोजित एक बैठक मेंग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होने मादक द्रव्यों के दुरुपयोग को समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बताया और कहा कि सरकार के प्रयासों को जमीनी स्तर पर सामूहिक कार्रवाई द्वारा पूरक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गांवों में नागरिकों का एक सतर्क और संगठित नेटवर्क मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक प्रभावी निवारक के रूप में कार्य कर सकता है। उन्होंने समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी तुरंत प्रशासन के साथ साझा करें और अपने-अपने गांवों में जागरूकता अभियान आयोजित करें।

श्री कटारिया ने युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए खेल, शिक्षा, कौशल विकास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को सही दिशा, अवसर और प्रेरणा मिलती है, तो वे राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकते हैं। श्री कटारिया ने कहा कि 'रंगला पंजाब' के सपने को साकार करने के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को एक जन आंदोलन में बदलना होगा। राज्यव्यापी अभियान के तहत आयोजित नशा-विरोधी पदयात्रा मुकेरियां के तहसील परिसर से शुरू हुई और लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद चक अल्ला बख्श गांव के दशमेश गर्ल्स कॉलेज में समाप्त हुई। यह मार्च, जो पहले राज्य के सीमावर्ती जिलों में शुरू किया गया था, अब आंतरिक जिलों तक पहुंच गया है, जो पंजाब भर में अभियान के विस्तार का संकेत देता है।

माताओं का नशा विरोधी अभियान' विषय के तहत आयोजित इस पदयात्रा में राजनीतिक दलों, नागरिक और पुलिस प्रशासन, सामाजिक और धार्मिक संगठनों, छात्रों, व्यापारियों, गैर सरकारी संगठनों और स्थानीय निवासियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ एनसीसी बैंड के नेतृत्व में मार्च के साथ हुआ। खिलाड़ियों ने गुब्बारे छोड़े और मादक पदार्थों के दुरुपयोग से लड़ने के संकल्प का प्रतीक एक मशाल प्रज्वलित की। 'प्रतिज्ञा - एक नयी सोच' समूह की माताओं ने राज्यपाल का स्वागत किया और 'नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध' अभियान के समर्थन में नारे लगाए, जिससे जन जागरूकता और लामबंदी का माहौल बना। इस मार्च के दौरान, स्कूल और कॉलेज के छात्रों, एनसीसी और एनएसएस स्वयंसेवकों, रेड रिबन क्लब के सदस्यों, वीडीसी सदस्यों और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने नशामुक्त समाज का संदेश फैलाने के लिए एक मानव श्रृंखला बनायी।

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