चंडीगढ़ , सितंबर 01 -- हरियाणा विधानसभा में हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया गया। इसके माध्यम से हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन किया जाएगा। संशोधन का उद्देश्य ग्राम सभा की बैठकों में कोरम की शर्तों को व्यावहारिक बनाकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।

वर्तमान प्रावधानों के तहत सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के चयन एवं अनुमोदन और ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए ग्राम सभा की बैठक में सामान्य बैठक की तुलना में अधिक कोरम निर्धारित है। मौजूदा व्यवस्था में मुख्य बैठक के लिए 40 प्रतिशत, पहली स्थगित बैठक के लिए 30 प्रतिशत और दूसरी स्थगित बैठक के लिए 20 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है।

सरकार के अनुसार, निर्धारित कोरम पूरा करना कठिन होने के कारण ग्राम सभा की बैठकों में आवश्यक कार्यवाही नहीं हो पा रही है, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी होती है।

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