सहारनपुर , सितंबर 14 -- सहारनपुर मंडल के कमिश्नर डा. रूपेश कुमार ने देवबंद-देहात गांव सभा की 20 बीघा जमीन और एक बीघा तालाब की भूमि पर गैर कानूनी ढंग से कब्जा करने के मामले की जांच और कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम का गठन किया है। यह टीम तथ्यों के आधार पर मौके पर जाकर पैमाईश करेगी और कानून के मुताबिक नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करेगी।
डा. कुमार ने बहुत ही जल्द इस मामले की जांच आख्या प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। देवबंद-देहात ग्राम सभा के प्रधान एवं प्रशासक अब्दुल सत्तार ने सोमवार को कमिश्नर से भेंटकर उन्हें शिकायती पत्र दिया। इसमें कहा गया कि मोहम्मद अली और उसके बेटे कुर्बान ने करीब सात बीघा भूमि खसरा नंबर 2667/4561 और 2742 पर अवैध कब्जा कर गन्ना बोया हुआ है। इसी तरह राशिद, ईरशाद एवं उस्मान गुंडा एक्ट में जिलाबदर रह चुका है और जाहिद एवं साजिद जिनके खिलाफ फौजदारी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमें चल रहे हैं, ने भूमि खसरा नंबर 2671 पर अवैध कब्जाकर गन्ना बोया हुआ है।
तहसील देवबंद की ओर से इन अवैध कब्जाधारियों को 20 अगस्त 2026 को कब्जामुक्त करने के नोटिस दिए थे। लेकिन अभी तक भी इन भूमाफियाओं ने देवबंद तहसील के आदेशों का पालन नहीं किया है। इन भूमाफियाओं ने ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार और उनके परिजनों के साथ तीन-चार बार हमला किया। दो मामलों में उनके खिलाफ देवबंद कोतवाली में मुकदमें दर्ज हैं और तीसरे मामले में पुलिस निरीक्षक देवबंद जांच कर रहे हैं।
प्रधान अब्दुल सत्तार ने कमिश्नर डा. रूपेश कुमार को दिए प्रार्थना पत्र में यह भी कहा है कि इसी गांव के ईरशाद , उस्मान , जाहिद और साजिद ने गांव हासिमपुरा में गांव सभा के सरकारी तालाब की भूमि गाटा संख्या 1726 पर अवैध कब्जा कर पांच दुकानों का निर्माण करा लिया है। जाहिद और उस्मान का बड़ा माफिया गिरोह है। उस्मान के खिलाफ गुंडा एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, बलात्कार के मुकदमें दर्ज हैं और ईरशाद के खिलाफ भूमि संबंधी के मामले में धोखाधड़ी के मुकदमें दर्ज हैं। ग्राम प्रधान अब्दुल सत्तार ने जब भी इन कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के प्रयास किए तब-तब उन पर और उनके परिजनों पर जानलेवा हमले किए गए। दो मामलों में कोतवाली देवबंद में रिपोर्ट दर्ज है।
ग्राम प्रधान/प्रशासक अब्दुल सत्तार की ओर से तालाब पर किए गए कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी की है। पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर डा. रूपेश कुमार ने बड़ा कदम उठाते हुए संयुक्त टीम का गठन किया। उन्होंने शिकायतकर्त्ता ग्राम प्रधान को आश्वासन दिया कि प्रशासन उनके द्वारा रखी गई शिकायतों का प्रभावशाली ढंग से निस्तारण करेगा।
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