बाराबंकी , मई 18 -- उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले की एक अदालत ने जमीनी विवाद में हुई महिला ग्राम विकास अधिकारी की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव की अदालत ने सोमवार को यह सजा सुनायी। शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार अवस्थी और आशीष गुप्ता ने बताया कि थाना सफदरगंज क्षेत्र के ग्राम भग्गापुरवा निवासी माला देवी (50) विकास भवन बाराबंकी में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थीं। उनकी कोई संतान नहीं थी। उनके पति संजय की लगभग एक वर्ष पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी और बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया गया था। अभियोजन के अनुसार मृतक संजय के नाम लगभग 10 से 12 बीघा कीमती जमीन थी, जिसकी वरासत को लेकर विवाद चल रहा था। मृतका के भाई नवलकिशोर पुत्र स्वर्गीय सत्यनाम निवासी ग्राम ठाकुरपुर थाना बदोसराय ने थाना सफदरगंज में दर्ज कराई गई तहरीर में आरोप लगाया था कि संजय के बड़े भाई रमाकांत वर्मा उर्फ पप्पू और विजय कुमार पुत्रगण स्वर्गीय सरजू प्रसाद मृतका को जमीन की वरासत नहीं करने दे रहे थे तथा लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

वादी के अनुसार आरोपित कहते थे कि जैसे संजय को रास्ते से हटाया गया, वैसे ही माला देवी और उसके भाई को भी मार दिया जाएगा। आरोप है कि 25 अक्टूबर 2024 को जमीन हड़पने की नीयत से दोनों भाइयों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर माला देवी की हत्या कर शव को कमरे में लटका दिया, ताकि घटना आत्महत्या प्रतीत हो।

पुलिस को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी तथा शरीर पर आठ चोटों के निशान पाए गए थे।

पुलिस विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रमाकांत वर्मा उर्फ पप्पू और विजय कुमार को हत्या का दोषी करार दिया।

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