भिवानी , मई 28 -- हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) के आह्वान पर सफाई कर्मियों की 26 हजार रुपये वेतन, पक्की नौकरी और अन्य मांगों को लेकर चल रही हड़ताल गुरुवार को चौदहवें दिन भी जारी रही।
धरने और हड़ताल को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 14 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार हरियाणा सरकार को पांच माह के भीतर नीति बनाकर कर्मचारियों को नियमित करना था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गयी।
वक्ताओं ने कहा कि डीजल, पेट्रोल और सीएनजी के बढ़ते दामों से महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता और कर्मचारियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर श्रम संहिता लागू कर मजदूरों और कर्मचारियों के शोषण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
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