पटना , मई 07 -- िहार के सुदूर गांवों में सुदृढ़, सुरक्षित और दीर्घकालिक सड़क संपर्कता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा न केवल नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, बल्कि पूर्व में निर्मित और अनुरक्षण अवधि से बाहर हो चुकी सड़कों का पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण कर उन्हें पुनः उच्च गुणवत्ता के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
ग्रामीण कार्य विभाग की इस पहल का सीधा प्रभाव ग्रामीण जनजीवन पर पड़ रहा है। बेहतर सड़क संपर्कता से जहां ग्रामीणों की ग्रामीणों के दैनिक आवागमन की सुविधा सुलभ हुई है, वहीं किसानों और स्थानीय उत्पादकों को अपनी उपज बाजार तक समय पर पहुँचाने में उल्लेखनीय सहूलियत मिल रही है। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच भी सुदूर गाँवों तक अधिक तीव्र और सुरक्षित रूप से संभव हो पाई है।
विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण केवल अल्पकालिक समाधान तक सीमित न रहे, बल्कि उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता दीर्घकाल तक बनी रहे। इसी उद्देश्य से सड़कों के नियमित अनुरक्षण, संरचनात्मक मजबूती और टिकाऊपन पर विशेष बल दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 18,020 ग्रामीण सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिनकी कुल निर्धारित लंबाई 30,844 किलोमीटर है। इनमें से 11,543 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष सड़कों पर कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल आधारभूत संरचना को सशक्त किया जा रहा है, बल्कि सतत विकास, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समावेशन की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है।
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