पटना, जून 24 -- िहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्कता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में राज्य भर में चल रही विभिन्न ग्रामीण सड़क एवं पुल निर्माण परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण संपर्कता से जुड़ी सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना था। इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिया गया कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना, ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम और बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति सहित अन्य सभी योजनाओं के तहत हो रहे कार्यों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही निर्देशित किया गया कि संपर्क विहीन बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लक्ष्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए तथा जिन परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, वहां निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीण पथों के सुदृढ़ीकरण एवं सतह नवीनीकरण कार्यों में तेजी लाने पर विशेष बल दिया गया, ताकि पूर्व में निर्मित ग्रामीण सड़कों को लंबे समय तक सुरक्षित एवं उपयोगी बनाए रखा जा सके।

बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए विशेष तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना एवं राज्य योजना (नाबार्ड) के अंतर्गत निर्माणाधीन पुल परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में आवश्यक तेजी लाने का निर्देश दिया गया। यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि बाढ़ अथवा जलजमाव की स्थिति में भी ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से बाधित न हो और आवागमन निर्बाध बना रहे। इसके अतिरिक्त, पुलों एवं अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान की प्रगति पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीण पथों पर जेब्रा क्रॉसिंग, रेट्रो-रिफ्लेक्टिंग साइन बोर्ड, विलेज नेम बोर्ड एवं किलोमीटर स्टोन के अधिष्ठापन की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में लंबित भूमि विवादों एवं भू-अर्जन संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई। इस दिशा में निर्माण कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले मामलों के त्वरित समाधान के लिए विभागीय राजस्व पदाधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

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