पटना , अप्रैल 15 -- बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध यातायात के साथ-साथ अब सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भी ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से प्राथमिकता के साथ कार्य किया जा रहा है।

ग्रामीण सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए विभाग की ओर से गंभीरता से सड़क सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जा रहा है। इस संबंध में विभाग की ओर से राज्यभर की सभी ग्रामीण सड़कों पर अनिवार्य रूप से सड़क सुरक्षा मानकों के अधिष्ठापन का सख्त निर्देश जारी किया गया है।

इस पहल के अंतर्गत विशेष रूप से उन संवेदनशील स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां दृष्टि रेखा बाधित होती है और दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार ऐसे सभी स्थलों के नजदीक अनिवार्य रूप से रेट्रोरिफ्लेक्टिव साइन/ बैंड लगाए जाएंगे। ये साइन रात्रि, कोहरे अथवा कम दृश्यता की स्थिति में वाहन चालकों को पूर्व चेतावनी प्रदान करेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी।इसके साथ-साथ सभी ग्रामीण सड़कों पर गांव के नाम का बोर्ड, किलोमीटर स्टोन और 200 मीटर स्टोन का भी अनिवार्य रूप से अधिष्ठापन किया जाना है। इस पहल से अनजान रास्तों से गुजरने वाले यात्रियों को दूरी की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए विभाग की ओर से सख्त समय-सीमा भी निर्धारित की गई है। इस संबंध में सभी कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में दृष्टि-बाधित स्थलों एवं संकेतक स्थापित करने के लिये उपयुक्त स्थानों की त्वरित पहचान कर मात्र तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

ग्रामीण कार्य विभाग अब ग्रामीण सड़कों के निर्माण के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दे रहा है, जिससे ग्रामीण सड़कों पर सुलभ आवागमन के साथ-साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

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