नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- केंद्र सरकार ने झारखंड में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को सुदृढ़ करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान के रूप में 275.1253 करोड़ रुपये जारी किये हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह राशि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अबद्ध अनुदान की दूसरी किस्त है और इससे राज्य की सभी पात्र 24 जिला पंचायतों (डीपी), 253 ब्लॉक पंचायतों (बीपी) और 4,342 ग्राम पंचायतों (जीपी) को लाभ मिलेगा।

केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त वर्ष के अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है, जिसे वित्त मंत्रालय जारी करता है। आवंटित अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किये जाते हैं। अबद्ध अनुदानों का उपयोग पीआरआई/ आरएलबी द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित 29 विषयों के अंतर्गत, वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जायेगा।

बद्ध अनुदानों का उपयोग (क) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति के रखरखाव के लिए किया जा सकता है, जिसमें घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन और उपचार, विशेष रूप से मानव मल और मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए, और (ख) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।

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