पटना , मई 09 -- बिहार सरकार में नवनियुक्त ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने शनिवार को कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं से गरीब, भूमिहीन और महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है तथा राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

श्री कुमार ने आज बयान जारी कर कहा कि देश भर में बिहार ही ऐसा राज्य है जो भूमिहीन और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जमीन खरीदने में एक लाख रुपये तक का सहयोग देता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास विभाग का विशालतम बजट दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभाग में कई ऐसी योजनाओं की शुरुआत की जो दूसरे किसी भी राज्य में नहीं हैं। महिला रोजगार और सशक्तिकरण की दिशा में बिहार ने मील का पत्थर स्थापित किया।

मंत्री श्री कुमार ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत करीब एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार शहरी क्षेत्र में भी महिलाओं को योजना से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए करीब 18 लाख महिलाओं को चिन्हित किया गया है। इनमें से करीब एक लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जा रही है। उन्होने बताया कि बाकी की महिलाओं की जांच के बाद उनके रोजगार के लिए राशि भेजी जाएगी।

श्री कुमार ने कहा कि रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं को जो अतिरिक्त दो लाख रुपये दिए जाएंगे, वह किस्त स्तर पर होगा। उन्होंने बताया कि पहली किस्त 10 हजार रुपये दी गई है। दूसरी किस्त के तौर पर 20 हजार, फिर 40 हजार, 60 हजार और पांचवी किस्त 80 हजार की होगी। उन्होंने साफ कहा कि जिन महिलाओं ने भी रोजगार शुरू किया है, उन्हें खुद के स्तर पर कुछ ना कुछ राशि अपने व्यवसाय में लगाना होगा। बड़े रोजगार के लिए मात्र सात फीसदी के ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का ऋण दिलाने का प्रावधान है।

श्री कुमार ने बताया कि बिहार जैसे राज्य में पीएम आवास योजना से वंचित आवास विहीन लोगों को एक लाख 20 हजार रुपये राज्य खजाने से मुख्यमंत्री आवास के लिए दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विभागीय योजना के अनुसार जिस गरीब का घर 2010 में स्वीकृत और आज तक अधूरा है, ऐसे लोगों को आवास निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है।

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