नयी दिल्ली , जून 29 -- कांग्रेस ने केंद्र सरकार की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर प्रस्तावित विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी (वीबी जी राम जी) योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस योजना के जरिए देश के संघीय ढांचे पर हमला कर रही है।
पार्टी ने इन दोनों योजनाओं में बड़ा फर्क बताते हुए कहा कि सरकार की प्रस्तावित नयी योजना मनरेगा की मांग-आधारित अधिकार योजना के विपरीत आवंटन आधारित योजना है, जिससे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि नयी योजना में 60 प्रतिशत व्यय केंद्र और 40 प्रतिशत राज्यों को वहन करना होगा। पार्टी का आरोप है कि राज्यों के बीच धन आवंटन के लिए 16वें वित्त आयोग के जिस फार्मूले का इस्तेमाल किया जा रहा है वह व्यय के वित्त पोषण के लिए नही बल्कि यह राजस्व के वितरण के लिए बनाया गया था। सरकार की इसने व्यवस्था से संघीय ढांचे की भावना कमजोर होगी।
श्री रमेश ने कहा कि व्यय के लिए राजस्व वितरण वाले फार्मूले को लागू करना संघीय व्यवस्था पर एक और प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि 16वें वित्त आयोग द्वारा अधिकांश अनुदान समाप्त किए जाने के बाद यह व्यवस्था राज्यों के साथ न्याय नहीं करती और संघवाद की पहले से कमजोर होती बुनियाद को और नुकसान पहुंचायेगी।
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