जयपुर , सितम्बर 02 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के साथ-साथ सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यावरण, आजीविका और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़ा मजबूत एवं टिकाऊ आधारभूत ढांचा तैयार हो, जिससे गांवों में जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो।

श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों के अधिकारियों से चर्चा करते हुए यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाये। ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकता, व्यापक जनोपयोगिता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के तहत करीब तीन हजार 219 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनायी जाएंगी। वर्ष 2026-27 में 1500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया जाएगा। शेष सड़कें आगामी वर्ष में बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल प्रगति पथ योजना के तहत पांच हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट सड़कें बनाई जा रही हैं। योजना के तहत अब तक 1,681 करोड़ रुपये की लागत के कुल 764 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें 309 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

उन्होंने शेष कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को राज्यभर में सड़क, पुल और बायपास निर्माण सहित अवसंरचना विकास के सभी कार्यों में उच्चतम गुणवत्ता बनाये रखने तथा बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं राजकीय भवनों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के लागू होने से गांवों में रोजगार के अवसरों की कोई कमी नहीं रही है। साथ ही, अब स्थायी परिसम्पत्तियों का भी निर्माण संभव हुआ है। योजना के तहत राज्य में पिछले वर्ष की तुलना में 2.30 लाख अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है तथा वर्तमान में कुल 7.22 लाख श्रमिक नियोजित हैं। श्रमिकों को दो माह में ही 215 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं जिनमें महिलाओं की भागीदारी 72 प्रतिशत से अधिक रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकता और जनोपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जाये।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर खेल मैदान बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तक गांवों में 9 हजार 134 खेल मैदान बनाए गए हैं। वहीं, 2 हजार 221 खेल मैदानों का काम भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। हरियाली और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए 228 करोड़ रुपये की लागत से 457 अमृत संजीवनी पार्क भी बनाए जा रहे हैं। साथ ही, 28 हजार 342 मॉडल तालाब एवं अमृत सरोवर कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर 457 नमो नर्सरियां विकसित की जा रही हैं। प्रत्येक नमो नर्सरी से प्रतिवर्ष एक लाख पौधे तैयार होंगे।

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