चंडीगढ़ , अगस्त 17 -- पंजाब के परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए 100 विश्वस्तरीय 'पीआरटीसी जूनियर' बसें अगले एक महीने में पीआरटीसी के बेड़े में शामिल की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह निर्मित मिडी बसें आइशर द्वारा तैयार कर उपलब्ध करायी जा रही हैं और सितंबर के मध्य तक बेड़े में शामिल हो जाएंगी।

श्री चीमा ने यह घोषणा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान की। बैठक में विभाग की ओर से किए जा रहे बुनियादी ढांचे के उन्नयन और परिवहन सेवाओं के विस्तार की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नए और प्रभावी उपाय अपनाने के निर्देश दिये।

परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के व्यापक विस्तार के तहत पंजाब के सरकारी बस बेड़े में कुल 1,279 नयी बसें शामिल कर रही है। इससे सरकारी बसों की संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी। उन्होंने इसे पिछले 20 वर्षों में सरकारी बस बेड़े का सबसे बड़ा विस्तार बताया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पीआरटीसी और पनबस की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व के नए स्रोत बढ़ाने और दोनों निगमों की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

श्री चीमा ने कहा कि सरकार प्रवासी भारतीयों, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और आम यात्रियों के लिए भी परिवहन सुविधाओं में सुधार कर रही है। इसी दिशा में दिल्ली हवाई अड्डे के लिए 15 प्रीमियम एयरपोर्ट बस सेवाएं शुरू की गयी हैं, जिनमें जालंधर और लुधियाना से चलने वाली वोल्वो बसें भी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इन सेवाओं के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिले हैं तथा राज्य में परिवहन क्षेत्र पर कथित 'परिवहन माफिया' के दबदबे को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

बैठक में परिवहन विभाग के सचिव वरुण रूजम, पनबस के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार गुप्ता, पीआरटीसी की प्रबंध निदेशक मनीषा राणा, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक नवदीप कुमार और पीआरटीसी चंडीगढ़ के महाप्रबंधक अमनवीर तिवाना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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