नयी दिल्ली , मार्च 19 -- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के एक गांव के लोगों ने सरकार की ग्रामीण पेयजल योजना के प्रबंधन में हाथ बंटा कर इसको नया रूप दिया और इस काम में उनका नेतृत्व करने वाली महिला रचना देवी को हाल में राजधानी में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इसी जिले के एक अन्य गांव के देवस्वरूप को जमीनी स्तर पर जल प्रबंधन में योगदान के लिए जल जीवन मिशन के तहत सम्मानित किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार चित्रकूट के मऊ ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतें इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है कि स्थानीय समुदाय के लोग मिल कर अपनी जिम्मेदारी जिम्मेदारी खुद उठायें, तो भविष्य कितना सहज-सुंदर हो सकता है।
मनकुवार ग्राम पंचायत की रचना देवी और छेओलाहा के श्री देवस्वरूप को राजधानी में आयोजित जल महोत्सव 2026 में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जल प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
जल संरक्षण, जिम्मेदार जल प्रबंधन और जल जीवन मिशन की उपलब्धियों को बढ़ावा देना के लिए गत सप्ताह आयोजित इस कार्यक्रम में है।
मनकुवार ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष रचना देवी ने अपने गांव के लोगों को पानी की हर बूंद का महत्व समझते हुए उनके सथ मिल कर गांव की जल आपूर्ति प्रणाली के विकास और उसे निरंतर चालू रखने के ठोस प्रबंध की चुनौती को भी स्वीकार किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस गांव में आज जल प्रबंधन की मजबूत और टिकाऊ व्यवस्था है। यह गांव प्रति परिवार प्रति माह 50 रुपये की दर से उपयोग शुल्क के रूप में औसतन 5,275 रुपये जुटाता है। इस तरह संग्रहीत धन राशि से लोगों के लिए नल से जल की व्यवस्था का सुचारु संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया जाता है।
इस शुल्क की बिलिंग पारदर्शी है, रसीदें व्यवस्थित हैं और वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाते हैं। इस ग्राम पंचायत में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत सभी 340 घरों तक पानी पहुंचाया गया है जिसमें अनुसूचित जाति के परिवार भी शामिल हैं। इस गांव को 6 नवंबर 2023 को 'हर घर जल' वाले गांव का प्रमाण-पत्र दिया गया था।
मनकुवारकी जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित समीक्षा बैठकें होती है और हर समुदाय के लोगों ने मिल कर इसे समावेशी मॉडल बनाया है।
मऊ ब्लॉक में 422 घर के छेओलाहा ग्राम पंचायत के जल एवं स्वच्छता समित के अध्यक्ष देवस्वरूप का कार्य भी सराहनीय है। इस गांव में कुल 2,529 लोगों की आबादी है जिसमें पांच सौ से कुछ अधिक अनुसूचित जाति के हैं। आज इस गांव में हर घर में नल से जल पहुंच रहा है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार गांव की जल समिति के अध्यक्ष देवस्वरूप ने वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया। इस गांव के लोग भी जल प्रबंधन में मासिक औसतन 4,983 का योगदान करते हैं जिसके जमा-खर्च का समुचित रिकार्ड रखा जाता है। इस राशि का उपयोग जल प्रणाली को मजबूत बनाने पर किया जाता है और प्रणाली सुचारु काम करती है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले दिनों जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। वर्ष 2019 में शुरू किये गये इस कार्यक्रम का कुल बजट 8.69 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसमें केंद्र का हिस्सा कुल 3.59 लाख करोड़ रुपये है। सरकार ने कहा है कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत अब ध्यान अवसरंचनाओं के रख रखाव और प्रबंधन पर होगा।
जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने रचना देवी और देवस्वरूप जैसे जमीनी स्तर के लोगों की नेतृत्वकारी कहानियों को "जन भागीदारी" वास्तविक अर्थ दर्शाने वाले उदाहरण बताया है। उन्होंने ऐसे प्रयासों को जल महोत्सव और जल जीवन मिशन की आत्मा कहा है।
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