पटना , मई 29 -- बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से राज्यभर में 27 हजार से अधिक स्थानों पर रेट्रो- रिफ्लेक्टिव बैंड लगाए गए हैं, जबकि 29 हजार से अधिक ग्रामीण मार्गों पर साइन बोर्ड स्थापित किए गए हैं। विभाग की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बाधारहित यातायात सुविधा उपलब्ध हो। इसी दृष्टिकोण के तहत सर्वोच्च न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति एवं परिवहन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में विभाग ने ग्रामीण मार्गों पर सड़क सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।
इस दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्य भर के ग्रामीण मार्गों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव बैंड, किलोमीटर स्टोन और ग्राम नाम पट्टिकाओं की स्थापना में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
उल्लेखनीय है कि रात्रि के समय एवं घने कोहरे में दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के उद्देश्य से पूरे राज्य में 31,257 महत्वपूर्ण स्थानों को रेट्रो-रिफ्लेक्टिव बैंड लगाने के लिये चिन्हित किया गया था, जिनमें से अब तक 27,462 स्थानों पर यह कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण यात्रियों एवं वाहन चालकों को दिशा-निर्देशन में सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य भर में 29,418 ग्रामीण मार्गों पर ग्राम नाम पट्टिकाएं स्थापित की गई हैं। वहीं 32,563 मार्गों पर किलोमीटर स्टोन एवं 200 मीटर स्टोन लगाने का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। इन सुरक्षा उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हुआ है।इसके साथ ही विभाग द्वारा राज्य भर के ग्रामीण मार्गों पर स्थित 76,117 विद्यालयों एवं 2,299 अस्पतालों को चिन्हित कर उनके आसपास विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। साथ ही पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदनशील या महत्वपूर्ण स्थलों के समीप स्पीड ब्रेकर, जंक्शन अहेड साइन, क्रैश बैरियर तथा जेब्रा क्रॉसिंग जैसे सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा हर परिस्थिति में बनी रहे।
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