पटना , फरवरी 28 -- ग्रामीण कार्य विभाग राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये बारहमासी सड़कों और पुलों के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

शनिवार को अधिवेशन भवन में विभागीय सचिव देवेश सेहरा की अध्यक्षता में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी परियोजनाओं के त्वरित निष्पादन के लिये समय-सीमा तय की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना, ग्रामीण टोला निश्चय योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ नवीनीकरण और अनुरक्षण कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना तथा केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। सात निश्चय पार्ट-3 के तहत ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध चौड़ीकरण कर उन्हें 5.5 मीटर इंटरमीडिएट लेन में विकसित किया जा रहा है। साथ ही जेब्रा क्रॉसिंग और रिम्बल स्ट्रिप निर्माण की अद्यतन स्थिति का भी आकलन किया गया।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, लक्षित 1,29,990 बसावटों में से 1,20,876 को अब तक संपर्कता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा 1,19,915 किलोमीटर सड़कों और 2,750 पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। बैठक में सड़कों के चौड़ीकरण के लिये सरकारी भूमि की उपलब्धता, सड़क सुदृढ़ीकरण (एसएसआर), रखरखाव और मरम्मत (एमआर) और ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।

ग्रामीण सड़क रखरखाव नीति के तहत नई सड़कों के लिये 5 से 10 वर्षों तक अनिवार्य रखरखाव का प्रावधान किया गया है। साथ ही निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ई-टेंडरिंग पोर्टल 'ई-प्रोक- 2' का प्रशिक्षण भी दिया गया। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अभियंता और क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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