नैनीताल , अप्रैल 23 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में पिछले साल हुई बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को मंगलवार तक जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।अदालत ने यह भी पूछा कि परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया और जिसके उन्हें कारण उन्हें लखनऊ में जीरो एफआईआर दर्ज करानी पड़ी।
मृतका के पिता लखनऊ निवासी राम कृष्ण तोमर की ओर से इस मामले को चुनौती दी गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की है।
याचिका में कहा गया कि ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में उनकी सुपुत्री निवासी वैश्वी तोमर बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह कालेज के ही छात्रावास में रहती रहती थी। कालेज का समय समाप्त होने के बाद अक्सर वह घर बात करती रहती थी। उसके द्वारा बताया गया कि वह कालेज में रैंगिग से परेशान थी और कहा कि कुछ वरिष्ठ छात्र उसको परेशान कर रहे हैं। जो उसे अच्छा नही लगता है। वह इससे परेशान है।
इसके बाद कालेज की तरफ से उन्हें सूचना दी गई कि उनकी पुत्री का सन्दिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। याचिका में आरोप लगाया गया कि कालेज ने उसे मूर्छित अवस्था मे सीएचसी सेंटर में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जब उनके द्वारा इसकी शिकायत भवाली थाने में की गई तो थाने ने कालेज के दबाव में आकर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।
इसके बाद लखनऊ में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। लखनऊ पुलिस की ओर से इस मामले की जाँच कराने हेतु शिकायत भवाली पुलिस थाने को भेजी गई लेकिन अभी तक भवाली पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। कालेज के सीसीटीवी कैमरों में भी छेड़छाड़ की गई है।
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