चंडीगढ़ , अप्रैल 09 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कोपत्र लिखकर मांग की है कि पवित्र धार्मिक ग्रंथों और प्रतिष्ठित मूर्तियों की बेअदबी को रोकने के लिए प्रस्तावित कानून के मसौदे के साथ-साथ सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाये।
उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील मामला है और यह आवश्यक है कि नये कानून के संबंध में आम जनता, सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों को विश्वास में लिया जाये।
श्री जाखड़ ने लिखा कि चूंकि अब अधिनियम संख्या 21 (2008), "जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008", में संशोधनों पर चर्चा की जा रही है, इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि इन संशोधनों का मसौदा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, विधानसभा सदस्यों और संबंधित धार्मिक संस्थाओं को पहले से उपलब्ध कराया जाये। इससे यह सुनिश्चित होगा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीर, तर्कसंगत और संवैधानिक चर्चा के लिए व्यापक जनमत पर विचार किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल कानूनी नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और धार्मिक आस्था से भी गहराई से जुड़ा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 14 जुलाई, 2025 को पंजाब विधानसभा में "पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंस अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर्स बिल, 2025" पेश किया गया था। अध्यक्ष ने इस विधेयक को विस्तृत विचार-विमर्श के लिए पूर्व मंत्री और विधायक इंद्रजीत सिंह निज्जर के नेतृत्व में गठित 15 सदस्यीय प्रवर समिति के पास भेजा गया था। इसलिए, यह आवश्यक है कि इस समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाये और इसकी प्रतियां राजनीतिक दलों, विधायकों और धार्मिक संगठनों को प्रदान की जायें। उन्होंने कहा कि अब, जब पंजाबसरकार बेअदबी के मामलों के संबंध में एक नया विधेयक लाने या मौजूदा अधिनियम में संशोधन करने पर विचार कर रही है, तो मुद्दे की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए कानून बनाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें आम जनता, धार्मिक संस्थानों और सभी राजनीतिक हितधारकों की राय शामिल की जानी चाहिए, और विधायकों को पूरी जानकारी के आधार पर अपनी संवैधानिक भूमिका निभाने का अवसर दिया जाना चाहिए।
श्री जाखड़ ने कहा कि 13 अप्रैल, 2026 को विधानसभा में पेश किये जाने वाले विधेयक का पूरा मसौदा या प्रस्तावित संशोधन पहले से उपलब्ध कराया जाने चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित