जशपुर, मार्च 15 -- त्तीसगढ के जशपुर जिले में गौ तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए संभावित मार्गों को ब्लॉक कर दिया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में 50 से अधिक पुलिस बल ने थाना नारायणपुर क्षेत्र के दुर्गम जंगलों में घुसकर गौ तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई की है।
डीआईजी कार्यालय से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार,डॉ. सिंह स्वयं पुलिस टीम के साथ 15 मार्च को थाना नारायणपुर क्षेत्र के ग्राम किनकेल, खरवाटोली एवं पाकरकुंदर के जंगलों में पैदल पहुंचे और गौ तस्करी के संभावित रास्तों का गहन निरीक्षण किया। पुलिस ने इन सभी मार्गों को चिन्हित कर उन्हें ब्लॉक कर दिया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौ तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान डीआईजी ने किनकेल, चट्टान पारा और पाकरकुंदर में "पुलिस मितान टीम" का गठन किया। ये टीमें क्षेत्र में होने वाली गौ तस्करी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को तुरंत उपलब्ध कराएंगी, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों के साथ बैठकें कर उन्हें गौ तस्करी के दुष्प्रभाव, नशे से होने वाले नुकसान और बच्चों की शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। इस दौरान बेरोजगार युवाओं से रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात नियमों के पालन और नशे की स्थिति में वाहन न चलाने की समझाइश भी दी गई।
डीआईजी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए जशपुर पुलिस हरसंभव प्रयास करेगी। उल्लेखनीय है कि डॉ. सिंह ने कवर्धा में एसपी रहते हुए 'पुलिस एकेडमी' कार्यक्रम शुरू किया था, जिसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए लाइब्रेरी खोली गई थी। इस योजना का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और 1200 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में सफलता मिली। इसी तर्ज पर अब जशपुर के सुदूर अंचलों के युवाओं के लिए भी 'पुलिस एकेडमी' कार्यक्रम शुरू करने की योजना है, ताकि वे भी इसका लाभ उठाकर रोजगार पा सकें।
पाकरकुंदर व खरवाटोली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीडीसी संतोष यादव, सरपंच अंधेरियस बड़ा सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों को अचानक अपने गांव में पैदल घूमते देख ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। पुलिस को अपने बीच इस प्रकार सक्रिय देखकर ग्रामीणों का विश्वास और मजबूत हुआ और उन्होंने पुलिस को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
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