आइजोल , सितंबर 09 -- केंद्र सरकार से मंज़ूरी मिलने के बाद मिज़ोरम न्यायिक सेवा की अधिकारी हेलेन डॉन्ग्लियानी गौहाटी उच्च न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश बनने जा रही हैं।
न्यायमूर्ति डॉन्ग्लियानी उच्च न्यायालय में सेवा देने वाली मिजोरम की दूसरी महिला होंगी।
न्यायालय के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि उच्चतम न्यायालय की कॉलेजियम की सिफ़ारिश के बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को उनकी नियुक्ति का औपचारिक अधिसूचना जारी किया।
उच्चतम न्यायालय की कॉलेजियम ने 18 अगस्त को गौहाटी उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए न्यायमूर्ति डॉन्ग्लियानी और नागालैंड के वकील नचुम्बेमो मोज़ुई के नामों की सिफ़ारिश की थी। केंद्र द्वारा सिफ़ारिशों को मंज़ूरी मिलने के साथ ही न्यायमूर्ति डॉन्ग्लियानी का उच्च न्यायपालिका में पदोन्नति अब औपचारिक तौर पर हो गया है। उनकी नियुक्ति उच्च न्यायपालिका में मिज़ोरम के प्रतिनिधित्व के लिए एक और अहम पड़ाव है। वह न्यायमूर्ति मार्ली वानकुंग के बाद उच्च न्यायालय की न्यायाधीश के तौर पर सेवा देने वाली दूसरी मिज़ो महिला होंगी।
न्यायमूर्ति वानकुंग ने उच्च न्यायालय में पदोन्नत होने वाली मिज़ोरम की पहली महिला के तौर पर इतिहास रचा था और इस साल तीन मार्च को सेवानिवृत्त हुई थीं।
न्यायमूर्ति डॉनगलियानी मिज़ोरम के उन कुछ न्यायिक अधिकारियों के समूह में शामिल हो जायेंगी जो उच्च न्यायालय तक पहुँचे हैं। इनमें न्यायमूर्ति टी. वाइफेई, न्यायमूर्ति माइकल ज़ोथानखुमा और न्यायमूर्ति नेल्सन साइलो भी शामिल हैं। न्यायमूर्ति वाइफेई और न्यायमूर्तिमार्ली वानकुंग अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
पंद्रह साल से ज़्यादा का अनुभव रखने वाली न्यायमूर्ति डॉनगलियानी 24 मई, 2011 को मिज़ोरम न्यायिक सेवा में शामिल हुईं। अपने करियर के दौरान, उन्होंने आइजोल और लुंगलेई दोनों न्यायिक ज़िलों में अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत की न्यायाधीश के तौर पर काम किया। उन्होंने कई अहम प्रशासनिक और कानूनी पदों पर भी काम किया है। न्यायमूर्ति डॉनगलियानी गुवाहाटी उच्च न्यायालय की रजिस्ट्रार थीं और बाद में अप्रैल 2021 से जुलाई 2024 तक मिज़ोरम सरकार के कानून एवं न्यायिक विभाग में सचिव के तौर पर काम किया।
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