गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिला पुलिस ने औद्योगिक इकाइयों और श्रमिकों के मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब इस में एक नया पद "पुलिस उपायुक्त, इंडस्ट्रीज" बनाया गया है, जो औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे 15,000 से अधिक रजिस्टर्ड उद्योगों और लगभग दो लाख कंपनियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करेगा। इस नई व्यवस्था से औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों और कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की उम्मीद है।
पुलिस ने सोमवार को जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि,पुलिस उपायुक्त इंडस्ट्रीज की जिम्मेदारी में श्रमिक संगठनों, श्रमिक समूहों और कर्मचारियों से सीधे संवाद करना, उनके शिकायती मामलों का निवारण करना, और सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित कराना शामिल होगा। यह पद तदर्थ रूप से कार्य करेगा और इसके तहत सहायक पुलिस आयुक्त इंडस्ट्रीज, तीन निरीक्षक और 25 अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी कार्य करेंगे।
जिले में विभिन्न प्रकार की औद्योगिक इकाइयाँ स्थित हैं, जिनमें लघु, मध्यम, और बृहद उद्योग शामिल हैं। इनमें भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियाँ भी शामिल हैं, जो क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाती हैं। इनमें लगभग चार लाख श्रमिक काम कर रहे हैं, जो जिले के आर्थिक और सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा हैं। इन उद्योगों में लगातार संवाद और समन्वय स्थापित करना, श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण और उनके मुद्दों का समाधान पुलिस के समक्ष नई चुनौती है।
पुलिस उपायुक्त, इंडस्ट्रीज के माध्यम से विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने और इंडस्ट्री के साथ लगातार संपर्क स्थापित करने का लक्ष्य है। पुलिस उपायुक्त के सीयूजी नंबर 8595902508 पर औद्योगिक इकाइयाँ और श्रमिक सीधे संपर्क कर सकते हैं।
इस पहल को अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और पुलिस उपायुक्त मुख्यालय द्वारा तैयार किया गया है और तीन दिन के भीतर इसे पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश और गृह विभाग को भेजने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही, अपर पुलिस आयुक्त द्वारा एक विस्तृत एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार कराकर जारी किया जाएगा। यह सेल तुरंत प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देगा और औद्योगिक समस्याओं का समाधान त्वरित गति से किया जाएगा।
यह नया कदम औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा, जिससे न सिर्फ उनके मुद्दों का शीघ्र समाधान हो सकेगा, बल्कि उनकी सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। पुलिस उपायुक्त, इंडस्ट्रीज का यह कदम औद्योगिक इकाइयों को एक समन्वित और सुव्यवस्थित सेवा प्रदान करेगा, जिससे यह क्षेत्र अधिक सुरक्षित और समृद्ध बन सके।
यह बदलाव उत्तर प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार द्वारा लागू औद्योगिक कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
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