गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 30 -- उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिले में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस ने गुरुवार से आठ मई, तक जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के अंतर्गत नवीन निषेधाज्ञा जारी की है। यह निर्णय श्रमिक आंदोलनों, राजनीतिक गतिविधियों और संभावित असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पुलिस ने आज जारी निर्देश की यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में पिछले कुछ दिनों से श्रमिक संगठनों द्वारा प्रदर्शन और आंदोलनों का सिलसिला चल रहा था, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किया, लेकिन असामाजिक तत्वों और राजनीतिक दलों के संभावित हस्तक्षेप को देखते हुए निषेधाज्ञा अनिवार्य हो गई।
निषेधाज्ञा की प्रति में यह निर्देश जारी किये हैं कि सार्वजनिक जुलूस और समूह प्रतिबंध बिना पुलिस आयुक्त/अपर पुलिस आयुक्त/पुलिस उपायुक्त की अनुमति के पांच या अधिक व्यक्तियों का जुलूस या समूह नहीं बनेगा। ड्रोन शूटिंग पर रोक सरकारी दफ्तरों के एक किलोमीटर परिधि में और अन्य स्थानों पर भी पुलिस की अनुमति के बिना ड्रोन शूटिंग/फोटोग्राफी निषिद्ध।
अनुचित मांग पत्र निषेध किसी भी संगठन या समूह द्वारा संवेदनशील समय में बिना अनुमति के मांग पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण धार्मिक स्थल और सार्वजनिक स्थानों पर रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित। अन्य समय में निर्धारित डेसीबल सीमा का पालन अनिवार्य।
परीक्षा केंद्र सुरक्षा परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर की सीमा में भीड़ नहीं जुटाई जाएगी और ध्वनि उपकरण या मोबाइल आदि बिना अनुमति नहीं लाए जा सकते, फर्जी खबर और अफवाह फैलाना निषिद्ध, सार्वजनिक धार्मिक आयोजन पर नियंत्रण नमाज, पूजा, जुलूस आदि पर सार्वजनिक स्थानों में प्रतिबंध, अनुमति होने पर ही आयोजन संभव, धार्मिक स्थलों का सम्मान झंडे, बैनर, पोस्टर आदि नहीं लगाए जाएंगे, किसी के धर्मग्रंथ का अपमान नहीं होगा। जानवरों का नियंत्रण सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर छुट्टा जानवर नहीं छोड़ा जाएगा, हथियार निषेध लाठी, चाकू, तलवार, आग्नेयास्त्र आदि का सार्वजनिक रूप से प्रयोग निषिद्ध रहेगा। शादियों में हर्ष फायरिंग पर इस दौरान पूरी तरह से रोक रहेगी। भ्रामक ऑडियो/वीडियो फैलाने पर रोक, शराब और मादक पदार्थों का सेवन निषिद्ध।
किसी के द्वारा अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ अभद्रता पर दंडनीय कार्रवाई की जायेगी। विस्फोटक और पिस्तौल जमा करना निषिद्ध है।
अपर पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने कहा, जिले में शांति-व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। यह निषेधाज्ञा सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा और गौतमबुद्धनगर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के निकट होने के कारण संवेदनशील माने जाते हैं। पिछले अनुभवों के अनुसार, अन्य राज्यों के प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक संगठनों से प्रभावित होकर हिंसक गतिविधियों की आशंका रहती है। प्रशासन का लक्ष्य किसी भी तरह के तनाव और हिंसा को रोकना है, ताकि परीक्षाएं और अन्य सरकारी कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से निषेधाज्ञा का पालन करने और अफवाहों या असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।
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