गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 29 -- उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं गौतमबुद्धनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शिवानी रावत ने गौतमबुद्धनगर जाला कारागार का मासिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान बुधवार जेलर संजय साही ने सचिव को जानकारी दी कि वर्तमान में कारागार में कुल दो हजार पांच सौ इक्यावन बंदी निरूद्ध हैं, जिनमें महिला बंदियों के साथ तीन शिशु भी हैं। जेल प्रशासन ने यह भी बताया कि किसी भी बंदी को निर्धारित सजा से अधिक समय तक निरूद्ध नहीं रखा गया है।

जेल में बंदियों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए इंडिया विजन फाउंडेशन द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिनमें हेयर सैलून, डांस क्लास, संगीतशाला, पेंटिंग और सिलाई कार्य शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बंदी समय का सदुपयोग करते हुए नए कौशल सीखते हैं, जिससे रिहाई के बाद वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

निरीक्षण के दौरान सचिव शिवानी रावत ने किशोर और महिला बंदियों के बैरकों का विशेष निरीक्षण किया और उनसे उनके मुकदमों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही, बंदियों के प्रकरणों से संबंधित कार्ड में आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला कारागार में कार्यरत पैराविधिक स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे कामों के अभिलेखों का भी अवलोकन किया गया और आवश्यक सुधार हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।

जेल प्रशासन को निर्देशित किया गया कि बैरकों की साफ-सफाई, बंदियों के स्वास्थ्य, खान-पान की गुणवत्ता और अन्य सुविधाएं जेल मैनुअल के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। ग्रीष्मकालीन मौसम को ध्यान में रखते हुए महिला बैरक में रह रहे शिशुओं और वृद्ध बंदियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार और जेलर संजय साही भी उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित