, March 12 -- गौतमबुद्धनगर, 12 मार्च उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर में एलपीजी गैस के व्यावसायिक उपयोग, कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित उपजिलाधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बांट माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित कर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
गुरुवार को संबंधित विभाग एवं अधिकारियों संग बैठक कर जिलाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि निर्देशित तथा गठित टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों और संबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तहसील दादरी क्षेत्र में संचालित गैस एजेंसियों-मै० प्रधान मान सिंह भारत गैस, दादरी इंडेन सेवा तथा मै० सचिन भारत गैस ग्रामीण वितरक चिटहेरा-का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने एजेंसियों पर एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
निरीक्षण में पाया गया कि इन सभी गैस एजेंसियों पर एलपीजी गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। साथ ही पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) तथा वेट एंड मेजरमेंट से संबंधित लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अद्यतन पाए गए।
इसके अतिरिक्त जांच टीम ने दादरी स्थित पेट्रोल पंप मै० सतीश चन्द्र गोयल एंड कंपनी का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि पेट्रोल पंप पर पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन की अनुज्ञप्ति केवल 31 दिसंबर 2025 तक ही वैध थी और उसे नवीनीकृत नहीं कराया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित पेट्रोल पंप पर शासन के "नो हेलमेट, नो फ्यूल" नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के भी पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा था, जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ऑयल कंपनी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पेट्रोल पंप संचालक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनपद में एलपीजी गैस के दुरुपयोग, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य एलपीजी एवं पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना और आम उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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