ग्रेटर नोएडा , मार्च 12 -- उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस की साइबर अपराध पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नोएडा सेक्टर 36 स्थित साइबर अपराध थाना पुलिस, ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस और मेरठ ज़ोन की साइबर कमांडो टीमों के संयुक्त अभियान में की गई।
गुरुवार को पुलिस द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि सोलर स्पाइडर नामक थ्रेट एक्टर से जुड़ा एक साइबर अपराध मॉड्यूल पिछले सप्ताह से सक्रिय है और कुछ को-ऑपरेटिव बैंकों की सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर बड़े साइबर ठगी की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया और दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी को-ऑपरेटिव बैंकों की साइबर सुरक्षा में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर करीब साठ से अस्सी करोड़ रुपये की रकम को अवैध रूप से म्यूल खातों में ट्रांसफर करने की योजना बना रहे थे। इसके बाद इस रकम को क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेश भेजने की तैयारी थी।
जांच पड़ताल में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सात से आठ मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात के एक को-ऑपरेटिव बैंक से करीब सात करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ट्रांसफर कर लिए थे। आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन सप्ताह के अंतिम दिनों में करते थे, जब बैंक बंद रहते हैं, ताकि धोखाधड़ी का पता लगने से पहले ही पैसे ट्रांसफर हो जाएं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आईफोरसी) और संबंधित बैंकों को सूचना दी, जिसके बाद आगे होने वाले कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन को समय रहते रोक दिया गया। इससे कई करोड़ रुपये की संभावित अतिरिक्त धोखाधड़ी टल गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर थ्रेट एक्टर सोलर स्पाइडर से जुड़े हैं। उल्लेखनीय है कि इसी नेटवर्क से जुड़े एक अन्य मॉड्यूल को वर्ष 2025 में भी गौतमबुद्धनगर पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
इस घटना के बाद पुलिस ने सभी को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए साइबर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, सिस्टम की कमजोरियों की समीक्षा करने और निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने की सलाह दी है।
प्रारंभिक जांच में इस साइबर नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आए हैं। पुलिस की गहन जांच पड़ताल में माना जा रहा है कि इसके तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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