वाराणसी , जुलाई 27 -- धार्मिक नगरी काशी में सोमवार को सैकड़ों की संख्या में साधु-संतों, बटुकों तथा आमजन ने गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने और देशभर में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।

इस दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यों के राज्यपालों तथा मुख्यमंत्रियों के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र और ज्ञापन सौंपा गया।

अभियान से जुड़े महंत बालक दास ने बताया कि गो माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को देशभर के सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन प्रेषित किए गए।

उन्होंने बताया कि पिछले लगभग छह माह से देशभर के संतों, गौसेवकों और गोभक्तों के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से पूरे देश में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गो माता को राष्ट्र माता का सम्मान देने, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति बनाने तथा कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण, शिक्षा और मानव जीवन से जुड़े अन्य विषयों को गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति में शामिल करने सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। इन मांगों के समर्थन में देशव्यापी जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।

उन्होंने कहा कि मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण अभियान के दूसरे चरण में देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित अनुस्मारक (रिमाइंडर) प्रार्थना-पत्र सरकार को भेजे गए हैं। वाराणसी जनपद की ओर से भी लगभग 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गो माता के पूजन, शंखनाद और 'श्री राम जय राम जय जय राम' मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुआ। इसके बाद गोभक्तों ने झंडे, बैनर, अभियान संबंधी संदेशों वाले प्लेकार्ड तथा भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया।

प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की झांकी, गो माता की झांकी तथा अभियान के तहत एकत्र किए गए हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन और हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा।

अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गो माता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण, ग्राम्य अर्थव्यवस्था और जनकल्याण का महत्वपूर्ण आधार भी है। उन्होंने सरकार से गो माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान से संबंधित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय होने तक इसे चरणबद्ध ढंग से जारी रखा जाएगा।

इस अवसर पर जिले के संत-महात्मा, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा, किसान, व्यापारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।

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