भिण्ड , अक्टूबर 28 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले की गोहद कृषि उपज मंडी में धान की कीमतों को लेकर किसानों और व्यापारियों के बीच विवाद के चलते तीन दिन से बनी गतिरोध की स्थिति के बाद बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था मिलने पर नीलामी दोबारा शुरू हुई। किसानों का आरोप है कि व्यापारी धान की गुणवत्ता खराब बताकर कम कीमत लगा रहे हैं और उचित दाम की मांग करने पर बोली लगाने से इनकार कर देते हैं।
मंडी प्रभारी सचिव भगवती चरण सगर ने बताया कि खराब सरसों और धान की खरीदी को लेकर किसानों के दबाव के बीच व्यापारी अनिल कुमार सोनी के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद व्यापारियों ने सुरक्षा की मांग करते हुए बोली रोक दी। मंडी प्रशासन ने एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी को पत्र लिखकर सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। सचिव के अनुसार, बुधवार देर दोपहर सुरक्षा व्यवस्था मिलने के बाद व्यापारियों ने दोबारा बोली लगाना शुरू कर दिया।
व्यापारियों का कहना है कि पहले भी उनके साथ गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए मंडी में सुरक्षा जरूरी है। वहीं किसानों की शिकायत है कि उपज की गुणवत्ता के नाम पर कम कीमत लगाई जा रही है, जिससे उन्हें अपनी फसल बेचने में परेशानी हो रही है।
मंडी में प्रतिदिन करीब 600 ट्रॉली धान बिक्री के लिए पहुंच रही है। सरसों, गेहूं, बाजरा, ज्वार और चना सहित अन्य जिंसों को मिलाकर कुल आवक लगभग एक हजार ट्रॉली प्रतिदिन बताई गई है। मंडी में सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक धान की बोली लगती है। दोपहर 12 से दो बजे तक अन्य जिंसों की नीलामी होती है और फिर दोपहर दो से शाम पांच बजे तक धान की खरीदी की जाती है। किसानों को उचित मूल्य दिलाने और नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी की जरूरत बताई जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित