भिण्ड , जुलाई 24 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले की गोहद उपजेल से जमानत पर रिहा हुए एक बंदी ने जेल प्रशासन पर रुपये की मांग, मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। वहीं उपजेल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है।
मालनपुर थाना क्षेत्र के लटकनपुरा निवासी धीर सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि मारपीट के एक मामले में सजा मिलने के बाद 21 जुलाई को मेडिकल परीक्षण के उपरांत उसे गोहद उपजेल भेजा गया था। अगले दिन जेल में शौचालय की सफाई और अन्य कार्यों से बचाने के नाम पर उससे 50 हजार रुपये की मांग की गई।
धीर सिंह का आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने पर जेलर, कुछ पुलिसकर्मियों और एक अन्य बंदी की मदद से उसके साथ मारपीट की गई तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि जेल के भीतर बंदियों को गर्दन झुकाकर और हाथ पीछे करके चलने के लिए मजबूर किया जाता है तथा न्यायिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उन्हें अपनी समस्याएं खुलकर बताने नहीं दी जातीं।
उन्होंने बताया कि 23 जुलाई को जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आकर उन्होंने परिजनों को घटना की जानकारी दी और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उधर, गोहद उपजेल के जेलर शिवपाल सिंह ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि न तो किसी प्रकार की धनराशि की मांग की गई और न ही बंदी के साथ मारपीट हुई। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
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