चंडीगढ़ , जून 22 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोमवार को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बिजली संकट और सिंचाई ढांचे की खस्ताहाल स्थिति को लेकर आरोप लगाया कि राज्य आज हर मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार केवल प्रचार तक सीमित होकर रह गयी है।

श्री रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार पंजाब को सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य बताने के दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में जनता की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रचार प्रमुखता से दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब इस समय गंभीर बिजली संकट से गुजर रहा है। राज्य के सरकारी ताप विद्युत संयंत्रों की 10 में से 6 इकाइयां बंद पड़ी हैं, जिससे लगभग 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी के बीच किसान, उद्योग और आम उपभोक्ता बिजली की कमी से परेशान हैं। रंधावा ने कहा कि सरकार पर्याप्त बिजली उत्पादन और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चिंता जताते हुए श्री रंधावा ने कहा कि जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और बटाला सहित विभिन्न शहरों में लगातार गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दिन-दहाड़े हो रही फायरिंग की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अपराधियों और गैंगस्टरों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है। इससे आम लोगों में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य की सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते नहीं चेती तो पंजाब को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने अपराध पर नियंत्रण के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

बगुरदासपुर के सथियाली हेडवर्क्स के निकट नहर में आयी लगभग 40 फुट चौड़ी दरार का उल्लेख करते हुए श्री रंधावा ने कहा कि इस घटना ने सिंचाई ढांचे के रखरखाव को लेकर सरकार की लापरवाही को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि नहर टूटने से प्रभावित गांवों और कृषि भूमि में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जाने चाहिए।

श्री रंधावा ने मांग की कि संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाए तथा मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले प्रभावी बाढ़ प्रबंधन और आपदा तैयारी योजना लागू की जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब एक और बाढ़ त्रासदी झेलने की स्थिति में नहीं है और समय रहते उठाए गए एहतियाती कदम भविष्य में बड़े नुकसान को रोक सकते हैं।

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