हैदराबाद , जुलाई 16 -- तेलंगाना में सामाजिक सद्भाव और साझी संस्कृति का प्रतीक एवं सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सवों में से एक, आषाढ़ बोनालु उत्सव गुरुवार को ऐतिहासिक गोलकोंडा किले के शीर्ष पर स्थित देवी जगदंबिका महाकाली को पहला बोनम (प्रसाद) अर्पित करने के साथ शुरू हो गया।
सरकार के सलाहकार वी हनुमंत राव और उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क की पत्नी भट्टी नंदिनी ने मंदिर में पहला बोनम अर्पित किया। बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा ने कहा कि हैदराबाद, रंगारेड्डी और मेडचल-मलकाजगिरी जिलों के 3,000 से अधिक मंदिरों में इस उत्सव को मनाने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। लोगों को बोनालु की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने इस उत्सव को शक्ति पूजा की एक अनूठी परंपरा बताया, जो तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति, विरासत और सांप्रदायिक सद्भाव को दर्शाती है।
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