देहरादून , अप्रैल 17 -- उत्तराखंड के देहरादून में गोर्खाली सुधार सभा का 88वाँ स्थापना दिवस शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्थापना दिवस स्मारिका -2026 का विमोचन किया गया और वीर सैनिकों , वीर नारियों, मेघावी छात्र, छात्राओं, समाजसेवियों एवं उत्कृष्ट प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
शुक्रवार पूर्वाह्न नौ बजे मानेक शाॅ सभागार में अध्यक्ष पदम सिंह थापा के कर कमलों से हवन-पूजन के साथ सभी की सुख, शांति एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर विधायक सविता कपूर, कैंट गोर्खाली सुधार सभा ले. जनरल शक्ति गुरूंग, ले. जनरल राम सिंह प्रधान, राजन क्षेत्री एवं पूजा सुब्बा चंद ने संयुक्त रूप से समारोह की विधिवत शुरुआत हुई।
इस दौरान, महामंत्री गोपाल क्षेत्री ने बताया कि गोर्खाली सुधार सभा की स्थापना 17 अप्रैल 1938 को हुई थी। यह संस्था सम्पूर्ण भारतवर्ष में समुदाय की सबसे पुरानी संस्था है। वर्तमान में संस्था द्वारा समाज हित के कार्यों जैसे मेघावी छात्र, छात्राओं को छात्रवृत्ति, जरूरतमंद असहायों को आर्थिक सहायता, गरीब कन्याओं के विवाह को आर्थिक सहायता, बेहद गरीब परिवार में दाह संस्कार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
मीडिया प्रभारी प्रभा शाह ने बताया कि इस अवसर पर सांस्कृतिक आयोजन में कौसेली सांगितिक ग्रुप द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी गई। नित्या ग्रुप प्रेमनगर द्वारा कृष्ण लीला की सुंदर प्रस्तुति दी गई। नेहरू ग्राम शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर लघु नाटिका, एवं प्रयास जागरूकता मंच द्वारा नशामुक्ति अभियान पर लघु नाटिका का मंचन किया गया। जबकि गुरांस सांस्कृतिक कला केंद्र द्वारा प्राचीन सुप्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं पर आधारित लाखे लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
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