लखनऊ , मार्च 17 -- उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर निषाद पार्टी आगामी 22 मार्च को गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में विशाल रैली के जरिए चुनावी बिगुल फूंकेगी। पार्टी के एजेंडे में इस बार मझवार/तुरैहा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल कराने का मुद्दा प्रमुख रहेगा।
पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत का ऐलान कर दिया है और गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में विशाल जनसभाएं करने का निर्णय लिया है। इन रैलियों के माध्यम से पार्टी न केवल अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन करेगी, बल्कि अपने प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को भी मजबूती से जनता के बीच रखेगी।
निषाद पार्टी की रणनीति में पूर्वांचल को विशेष महत्व दिया गया है, जहां पार्टी का पारंपरिक जनाधार मजबूत माना जाता है। गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में रैलियों के जरिए पार्टी अपने आधार को और सुदृढ़ करने की कोशिश करेगी। वहीं मेरठ में रैली आयोजित कर पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है।
विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी इस बार अपने एजेंडे में मझवार/तुरैहा को अनुसूचित जाति में शामिल कराना, खनन, बालू और पुश्तैनी घाटों पर अधिकार बहाली, भूमिहीन मछुआ समाज के लिए वर्ग-3 की भूमि को फिर से आरक्षित किए जाने की मांग, विमुक्त जाति/जनजाति के अधिकारों की बहाली तथा पूर्व में समाप्त किए गए अधिकारों को पुनः लागू कराना शामिल करेगी।
पार्टी का मानना है कि ये सभी मुद्दे केवल सामाजिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़े हुए हैं। इन रैलियों के जरिए पार्टी इन मांगों को जनसमर्थन दिलाने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, संगठनात्मक स्तर पर भी पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 88 संगठनात्मक जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। इसे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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