गोरखपुर , अक्टूबर 28 -- गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने 307 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 14,887 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को 14,580 मत प्राप्त हुए। करीब 35 घंटे तक चली मतगणना के बाद बुधवार को रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने परिणाम की घोषणा की। 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर दीपक मीणा, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार मुस्तैद रहे।

जीत के बाद धु्रव कुमार त्रिपाठी ने पुरानी पेंशन को राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए कहा कि इस पर राष्ट्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा। उन्होंने शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। दूसरी ओर, पराजित प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें हराया गया है। उन्होंने करीब 1,600 मतपत्रों पर एक ही पेन से एक और दो लिखे होने का दावा करते हुए फॉरेंसिक जांच कराने और न्यायालय जाने की बात कही।

मतगणना की प्रक्रिया 27 अक्टूबर की सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। द्वितीय वरीयता के मतों की गणना के कारण परिणाम आने में करीब 35 घंटे लगे। इस दौरान प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर लगातार चर्चा का विषय बना रहा। मतगणना में 14 प्रत्याशियों के एलिमिनेशन के बाद उनके मतपत्रों पर दर्ज द्वितीय वरीयता के मतों की गणना कर नियमानुसार संबंधित प्रत्याशियों के खाते में मत जोड़े गए। एक-एक मत की गणना के बाद अंतिम परिणाम सामने आया, जिसमें ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने राजीव यादव को 307 मतों से पीछे छोड़ दिया। मतगणना पूरी होने के बाद मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने परिणाम की घोषणा की।

जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में धु्रव कुमार त्रिपाठी ने पुरानी पेंशन के मुद्दे पर कहा कि यह राष्ट्रीय मुद्दा है और इस पर राष्ट्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों के हितों के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे। पुरानी पेंशन की बहाली शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शामिल रही है। ऐसे में चुनाव जीतने के बाद इस मुद्दे पर उनसे आगे की रणनीति और ठोस पहल के संबंध में भी सवाल किए गए। हालांकि, उन्होंने निर्णय का दायित्व राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ते हुए अपनी ओर से संघर्ष जारी रखने की बात कही।

पत्रकारों ने धु्रव कुमार त्रिपाठी से यह भी पूछा कि वह लगातार चौथी बार चुनाव जीत रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों के हित में उन्होंने कौन-कौन से प्रमुख कार्य किए हैं और उनकी उपलब्धियां क्या हैं। इस सवाल पर ध्रुव त्रिपाठी स्पष्ट रूप से अपनी उपलब्धियां गिनाने के बजाय गोलमोल जवाब देते नजर आए। शिक्षकों के बीच पुरानी पेंशन, सेवा संबंधी समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। ऐसे में लगातार चौथी बार प्रतिनिधित्व का अवसर मिलने के बाद उनके कार्यकाल में शिक्षकों के हित में हुए काम और आगामी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट जवाब की अपेक्षा की जा रही थी।

दूसरी ओर, चुनाव परिणाम से असंतुष्ट निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हराया गया है और वह परिणाम को चुनौती देने के लिए न्यायालय जाएंगे। राजीव यादव का दावा है कि करीब 1,600 मतपत्रों पर एक और दो के अंक एक ही पेन से लिखे गए हैं। उन्होंने इन मतपत्रों की प्रामाणिकता की जांच के लिए फॉरेंसिक जांच कराने की मांग करने की बात कही। उनका कहना है कि वह इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाएंगे और मतपत्रों की जांच की मांग करेंगे। हालांकि, मतपत्रों को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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