गोरखपुर , फरवरी 26 -- गोरखपुर नगर निगम की 17वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 1878 करोड़ रुपये की अनुमानित आय वाले बजट को लंबी बहस और हंगामे के बीच सदन ने मंजूरी प्रदान कर दी। बैठक की शुरुआत से ही पार्षदों ने अपनी वरीयता निधि को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि वर्तमान निधि से वार्डों में विकास कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहे हैं।
बैठक में ग्रामीण विधायक विपिन सिंह की उपस्थिति में पार्षदों ने मासिक भत्ता बढ़ाने और भवन निर्माण नक्शा पास करने का अधिकार नगर निगम को दिए जाने की मांग भी उठाई।
विरासत गलियारा परियोजना में देरी का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने कहा कि निर्माण कार्य लंबित रहने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है और इसमें तेजी लाई जानी चाहिए। वार्ड संख्या 72 के पार्षद देवेंद्र गौंड ने शायराना अंदाज में अपनी बात रखकर माहौल को हल्का भी किया।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने पार्षद वरीयता निधि को 65 लाख रुपये तक बढ़ाने पर विचार का प्रस्ताव रखा और कहा कि यदि नगर निगम आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करता है तो सभी पार्षदों को 50 लाख रुपये अतिरिक्त निधि दी जाएगी। इस पर असंतोष जताए जाने के बाद उन्होंने संशोधित प्रस्ताव देते हुए वरीयता निधि 70 लाख रुपये करने तथा प्रथम स्थान पर 30 लाख रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, विभागाध्यक्षों एवं सभी पार्षदों की उपस्थिति रही। नगर निगम प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों से शहर के समग्र विकास में सहयोग की अपील की।
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