गोपालगंज, अगस्त 22 -- गोपालगंज जिले के उचकागांव प्रखंड में सरकार की मदद और सहकारी सहयोग से एक उद्यम ऐसा चल रहा है, जिसकी पहल से 65 जीविका दीदियों को रोजागर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के सहयोग जिले के लूहसी गांव में संचालित यश इंटरप्राइजेज रेडीमेड गारमेंट इकाई का सालाना कारोबार आज करीब 80 लाख रूपये तक पहुंच चुका है और इस अकेले करोबार ने 65 जीविका दीदियों के लिए भी रोजगार की राह खोली है।इस कारोबार की सफलता अकेले एक उद्यमी तक सीमित नहीं है। इसका आगे बढना एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जो सहकारिता की भी एक मिशाल है। इस कारोबार ने उस मिथक को भी तोड़ दिया है, जिसमे कहा जाता है कि बड़े कारोबार के लिए बड़े शहरों का सहारा आवश्यक है।
इस करोबार में गांव में जीविका दीदियाँ सिलाई मशीनें चला रही हैं और आत्मनिर्भरता की अनूठी कहानी लिख रही हैं। इस उद्यम के विस्तार ने यह भी दिखाया है कि स्वरोजगार की पहल आगे चलकर दूसरों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकती है।
गांव की इस सोंधी गाथा की खुशबू फैलने के बाद गोपालगंज के जिला पदाधिकारी समीर सौरभ स्वयं यश इंटरप्राइजेज पहुंचे और इन जाबांज उद्यमियों के सफर को समझने की कोशिश की। उन्होंने गारमेंट तैयार करने की प्रक्रिया और इकाई की कार्यप्रणाली देखी। उद्यमी से उत्पादन, विपणन, कारोबार के विस्तार और रोजगार सृजन के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से मिले सहयोग का व्यवसाय पर क्या प्रभाव पड़ा, इसकी भी समीक्षा की।
जिला पदाधिकरी ने इकाई के सफल संचालन के साथ 65 जीविका दीदियों को रोजगार देने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमों की उपयोगिता केवल स्वरोजगार तक सीमित नहीं है। जब एक उद्यम आगे बढ़ता है और उससे दूसरे परिवारों के लिए भी आजीविका के अवसर पैदा होते हैं तो उसका लाभ पूरे क्षेत्र को मिलता है। उन्होंने इसे अन्य लोगों के लिए भी अनुकरणीय बताया।
लूहसी की यह गारमेंट इकाई बताती है कि सरकारी योजना का लाभ सही उद्यम और मेहनत से जुड़े तो उसका असर कई परिवारों तक पहुंच सकता है।
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