पांढुर्णा , सितंबर 11 -- मध्यप्रदेश के पांढुर्णा में शुक्रवार को प्रसिद्ध गोटमार मेला शुरू होते ही जाम नदी में पत्थरबाजी शुरू हो गई। झंडे पर कब्जे की परंपरा को लेकर पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के लोग आमने-सामने हैं। मेला शुरू होने के करीब 15 मिनट के भीतर पत्थर लगने से 28 लोग घायल हो गए। घायलों को मेला क्षेत्र में बनाए गए अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।

प्रशासन ने मेले के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था की है। मेला क्षेत्र में सात अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 44 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है, जबकि 22 एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद आवश्यकता के अनुसार अस्पताल भेजा जा रहा है।

गोटमार मेले में पत्थरबाजी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र और आसपास 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। निगरानी के लिए 10 सीसीटीवी कैमरे और तीन ड्रोन लगाए गए हैं। ड्रोन के जरिए नदी क्षेत्र और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

गोटमार मेला अपनी अनूठी लेकिन जोखिमभरी परंपरा के लिए चर्चित रहा है। परंपरा के तहत जाम नदी के बीच लगाए गए झंडे पर कब्जे के लिए दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं। इस दौरान कई बार गंभीर हादसे भी हो चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1955 से 2025 तक गोटमार मेले में पत्थरबाजी के दौरान 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

इस बार भी प्रशासन ने स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं, लेकिन मेला शुरू होते ही पत्थरबाजी में 28 लोगों के घायल होने से व्यवस्था के सामने चुनौती पैदा हो गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित