गोंडा , अगस्त 21 -- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में नगर कोतवाली पुलिस ने हेराफेरी और ठगी के दो मामलों में आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6.42 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति कुर्क की है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में ऋण वितरण में अनियमितता और धोखाधड़ी के मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि दो जनवरी को बैंक के सहायक महाप्रबंधक एवं मुख्य प्रबंधक भुवनचंद्र सती की शिकायत पर दर्ज मामले की जांच और विशेष ऑडिट की अंतरिम रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने बैंक के अन्य कर्मचारियों और खाताधारकों के साथ मिलकर गिरोह बनाकर बैंक की नीतियों तथा आरबीआई और नाबार्ड के दिशा-निर्देशों के विपरीत ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने स्वयं, अपने परिजनों और गिरोह के सदस्यों को बिना पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजों के ऋण वितरित किए। फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बैंक के 205 खाताधारकों के ऋण एवं बचत खातों तथा पांच आंतरिक खातों से करीब 2147.78 लाख रुपये का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। पांच आंतरिक खातों से अनधिकृत रूप से 46.13 लाख रुपये निकाले जाने का भी मामला सामने आया।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पवन कुमार पाल के अलावा राघवराम, शिवाकांत और सुशील कुमार गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों द्वारा अपराध से अर्जित करीब 5.94 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली।
श्री जायसवाल ने बताया कि एक अन्य मामले में विदेश भेजने के नाम पर लोगों से रकम ऐंठने के आरोपी विवेक कुमार की करीब 47.81 लाख रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति भी कुर्क की गई है। इस प्रकार दोनों मामलों में पुलिस ने कुल करीब 6 करोड़ 42 लाख 24 हजार 544 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की है।
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