बेंगलुरु , सितंबर 13 -- विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन के पोजिशनल एरर का इयान नेपोमनियाच्ची ने पूरा फायदा उठाया और इस तरह गैंगेज़ ग्रैंडमास्टर्स ने गत चैंपियन एल्पाइन एपीएल पाइपर्स को हराकर रविवार को बेंगलुरु में ग्लोबल चेस लीग (जीसीएल) के चौथे सीजन का खिताब जीत लिया। जीसीएल टेक महिंद्रा और फिडे की संयुक्त पहल वाली इस लीग पर गैंगेज़ ग्रैंडमास्टर्स ने पहली बार क़ब्ज़ा किया है।

ग्रैंडमास्टर्स ने दो चरणों के फाइनल में 7-5 से जीत दर्ज की। पहले चरण में सफेद मोहरों से खेलते हुए मुकाबला 3-3 से बराबरी पर रहा था। वहीं, एफवाईईआरएस अमेरिकन गैम्बिट्स ने दो चरणों के प्लेऑफ में चेक मुम्बई मास्टर्स को 7.5-4.5 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।

ग्लोबल चेस लीग के चौथे सीजन में लीग चरण बेहद रोमांचक रहा। प्रतियोगिता के इतिहास के सबसे करीबी लीग चरणों में से एक में सभी छह टीमें आठवें दौर तक शीर्ष चार में जगह बनाने की दौड़ में बनी हुई थीं। फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों का फैसला शनिवार शाम आखिरी लीग मुकाबला समाप्त होने के बाद ही हो सका।

पाइपर्स ने फाइनल में जगह आखिरी लीग मुकाबले में मुम्बई मास्टर्स की गैम्बिट्स पर जीत के बाद बनाई थी, लेकिन वह लीग चरण में बेहतर गेम प्वाइंट के आधार पर शीर्ष पर रही गैंगेज़ ग्रैंडमास्टर्स की चुनौती को पार नहीं कर सकी।

ग्रुप चरण में काले मोहरों से जीत के लिए चार अंक और सफेद मोहरों से जीत के लिए तीन अंक मिलते थे, जबकि नॉकआउट मुकाबलों में काले और सफेद दोनों मोहरों से जीत के लिए एक-एक अंक निर्धारित था। ऐसे में नॉकआउट में प्रतिद्वंद्वी से अधिक बाजियां जीतना सबसे महत्वपूर्ण था।

पहले चरण के 3-3 से बराबर रहने के बाद पाइपर्स को सफेद मोहरों के साथ अपनी संभावनाएं मजबूत नजर आ रही थीं। आइकन बोर्ड पर कार्लसन भी जीत की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे थे और ऐसा लग रहा था कि पाइपर्स खिताब बरकरार रख सकती है। लेकिन 28वीं चाल में निर्णायक हमला करने की कोशिश में नॉर्वे के कार्लसन ने स्थिति संबंधी गलती (सिचुएशनल एरर) कर दी। नेपोमनियाच्ची ने इसका पूरा फायदा उठाया और उन्हें वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इसके बाद स्तावरोउला त्सोलाकिदोउ ने कोनेरू हम्पी को हराकर गैंगेज़ ग्रैंडमास्टर्स की जीत लगभग पक्की कर दी।

फाइनल के पहले मुकाबले में गैंगेज़ ग्रैंडमास्टर्स ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। लेवोन एरोनियन ने अनिश गिरी के खिलाफ शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और 49 चालों के बाद डच खिलाड़ी का समय समाप्त हो गया। टॉस जीतने के बाद काले मोहरों से खेलने का फैसला करने वाली पाइपर्स की टीम को इस समय अपने फैसले पर जरूर विचार करना पड़ा होगा।

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