फगवाड़ा , मार्च 05 -- पंजाब में फगवाड़ा के निकट आम आदमी पार्टी (आप) नेता के आवास पर हुई फायरिंग की घटना की जांच के संबंध में गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा को बुधवार को एक बार फिर गुरुग्राम की भोंडसी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर फगवाड़ा लाकर स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

अदालत ने जांच एजेंसी की दलीलों को सुनने के बाद, इस हमले के पीछे की बड़ी साजिश को सुलझाने और आरोपी की भूमिका के बारे में विस्तृत पूछताछ के लिए गैंगस्टर को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

उल्लेखनीय है कि काला राणा को पिछले साल 27 नवंबर रात को फगवाड़ा के पास के गांव दरवेश में आप नेता दलजीत राजू के घर पर हुई फायरिंग के मामले में नामजद किया गया है। उस घटना के दौरान अज्ञात हमलावरों ने देर रात नेता के आवास पर कई राउंड गोलियां चलाई थीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान इस वारदात में काला राणा की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। यह गैंगस्टर विभिन्न राज्यों में हत्या और रंगदारी सहित कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है। माना जा रहा है कि उसके तार उन संगठित आपराधिक नेटवर्कों से जुड़े हैं जो व्यापारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलते हैं। फगवाड़ा और आसपास के कई व्यापारियों, जिनमें एक कॉलोनाइजर और कुछ ज्वैलर्स शामिल हैं, को पिछले कुछ हफ्तों से धमकी भरी एक्सटॉर्शन कॉल (रंगदारी के लिए फोन) आ रही हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन धमकियों का काला राणा के गिरोह से कोई संबंध है।

फगवाड़ा की पुलिस अधीक्षक माधवी शर्मा ने गुरुवार को इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करना और शामिल सभी लोगों को सजा दिलाना है।

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