चंडीगढ़ , अप्रैल 28 -- हरियाणा में गेहूं खरीद, उठान और भुगतान व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने आरोप लगाया कि मंडियों में भारी अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण किसान और आढ़ती परेशान हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य की मंडियों में अब तक करीब 84.50 लाख टन गेहूं आ चुका है, लेकिन उठान केवल39 लाख टन ही हुआ है। धीमी गति के कारण लगभग 62 प्रतिशत गेहूं अब भी मंडियों में पड़ा है। इसके चलते किसानों को भुगतान के लिए 20 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।

श्री गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा 48 घंटे में खरीद, उठान और भुगतान के दावे पूरी तरह गलत साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उठान में देरी के कारण होने वाली 'घटती' का भार आढ़तियों पर डालना अन्यायपूर्ण है, जबकि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार हैं।

उन्होंने मांग की कि गेहूं में होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारियों से की जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देने की भीमांग उठायी।

उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतियों से किसान, आढ़ती और मजदूर सभी प्रभावित हैं और सरकार को व्यवस्था सुधारने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

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