चंडीगढ़ , अगस्त 26 -- चंडीगढ़ के सेक्टर-36ए स्थित मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर वूमन (एमसीएम) के बाहर और 'गेड़ी रूट' पर कॉलेज की छुट्टी के बाद होने वाली कथित गुंडागर्दी, छेड़छाड़ और यातायात अव्यवस्था पर पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संत प्रकाश और सदस्य न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सेक्टर-36ए निवासी कुलबीर सिंह राणा ने आयोग को दी शिकायत में आरोप लगाया कि कॉलेज की छुट्टी के समय कुछ युवक लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। शिकायत के अनुसार, युवकों के समूह कॉलेज के बाहर जमा होकर छात्राओं पर फब्तियां कसते, तंज करते, छेड़छाड़ करते और उनकी अनधिकृत वीडियो बनाते हैं। देर रात तक वाहनों का शोर और हुड़दंग जारी रहने से स्थानीय निवासी परेशान हैं।
शिकायतकर्ता ने छह अगस्त की घटना का भी हवाला दिया, जब दोपहर करीब 2:35 बजे कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर दो गुटों में मारपीट हुई थी। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पीसीआर बुलानी पड़ी थी।
स्थानीय निवासियों ने वेरका बूथ के पास स्थायी पुलिस बीट ऑफिस बनाने, नियमित गश्त बढ़ाने, वाहनों की जांच के लिए जांच नाके लगाने और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
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