भिण्ड , जून 25 -- मध्यप्रदेश में भिण्ड जिले के लहार थाना क्षेत्र में गेहूं उपार्जन के लिए फर्जी किसान पंजीयन कराने के मामले में चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2026-27 के गेहूं उपार्जन के लिए कराए गए किसान पंजीयनों की जांच में अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि कुछ लोगों ने अन्य किसानों की भूमि को अपने पंजीयन में दर्शाकर सरकारी खरीदी केंद्रों पर गेहूं बेचने का प्रयास किया था।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील कुमार मुदगल की शिकायत पर राजस्व अधिकारियों और संबंधित पटवारियों द्वारा खसरों का सत्यापन कराया गया। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि जिन सर्वे नंबरों के आधार पर पंजीयन कराया गया था, उनमें संबंधित व्यक्ति भूमिस्वामी के रूप में दर्ज नहीं थे। साथ ही भूमि स्वामियों की लिखित सहमति अथवा बटाई संबंधी कोई वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
जिला प्रशासन की जांच में लिधौरा निवासी संचिता, लालपुरा निवासी गिरजा और प्रतीक्षा तथा दबोह निवासी वीरसिंह तोमर के पंजीयन संदिग्ध और फर्जी पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर करौड़ी लाल मीणा के निर्देश पर लहार थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने विभिन्न गांवों की भूमि को अपने नाम से दर्शाकर किसान पंजीयन कराया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसका उद्देश्य सरकारी उपार्जन केंद्रों पर अवैध रूप से गेहूं विक्रय करना था। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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