अगरतला , जुलाई 15 -- त्रिपुरा सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड अवसंरचना और डिजिटल नागरिक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए गूगल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग के सचिव किरण गित्ते ने मंगलवार को कहा कि यह साझेदारी राज्य की डिजिटल शासन व्यवस्था को नयी दिशा देगी और पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन के मॉडल के रूप में त्रिपुरा को स्थापित करने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि 2024 में त्रिपुरा ने देश में सबसे तेज और व्यापक ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने का दावा किया था। मई 2023 में सचिवालय स्तर पर शुरू की गयी यह व्यवस्था 2024 के मध्य तक सभी पंचायत राज संस्थाओं तक विस्तारित कर दी गयी।

श्री गित्ते ने कहा कि गूगल के साथ सहयोग से राज्य प्रशासन आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकेगा और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए नीतिगत ढांचा तैयार कर रही है, जबकि तकनीकी कंपनियां विशेषज्ञता और निवेश उपलब्ध करा रही हैं।

उन्होंने बताया कि अगरतला में 5.81 एकड़ में प्रस्तावित त्रिपुरा आईटी एंड डेटा इकोसिस्टम जोन तथा 10 एकड़ में विकसित किये जाने वाले आईटी पार्क में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जिससे इन पहलों को आधार मिलेगा।

श्री गित्ते के अनुसार, त्रिपुरा केंद्र सरकार की बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान-2024 के तहत सभी 51 प्राथमिक सुधार क्षेत्रों को पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य से हर वर्ष लगभग पांच हजार तकनीकी स्नातक निकलते हैं। गूगल के साथ यह साझेदारी उन्हें डेटा सेंटर, एआई और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होगी।

हाल ही में आयोजित एक सम्मेलन में गूगल क्लाउड इंडिया के अकाउंट डायरेक्टर विनम्र जैन ने कहा कि यह एमओयू नागरिक सेवाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने के साथ-साथ राज्य के युवाओं के कौशल विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस बीच, एयरटेल ने अगरतला में 200 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर में निवेश की घोषणा की है, जबकि सेल्सफोर्स ने एआई आधारित नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जतायी है।

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